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जॉब और बिजनेस में क्या अंतर होता है यहाँ देखे पूरी जानकारी

कई बार हम सभी से यह सवाल पूछा जाता है कि जॉब करना बेहतर है या अपना खुद का बिजनेस शुरू करना? ये एक बहुत बड़ा फैसला होता है जो हमारे भविष्य को प्रभावित करता है।

जॉब और बिजनेस में कई अंतर होते हैं जैसे- सुरक्षा, ज़िम्मेदारियां, आय कभी-कभी तो ये अंतर हमारे लिए ये तय करना मुश्किल भी बना देते हैं कि हमें क्या करना चाहिए।

आज मैं आप सभी के साथ जॉब और बिजनेस के अंतर पर बातचीत करूँगा और कुछ अहम बातें शेयर करूँगा ताकि आप भी इस फैसले में सही रास्ता ढूंढ सकें।

आप सभी से Request है कि इस आर्टिकल पर अपनी राय ज़रूर दें ताकि हम सभी को इस मुद्दे पर बेहतर समझ हो सके।

Job or business me antar in hindi
रोजगार और नौकरी में अंतर


Job OR Business Me Antar

दोस्तों जॉब और बिजनेस में अंतर इस उदहारण से जानते है जब कोई व्यक्ति पानी में कूदता है तो पहले उसे पानी की गहराई जान लेनी चाहिए क्योंकि अगर पानी बहुत गहरा हो और व्यक्ति को तैरना न आए तो उसकी जान भी जा सकती है।

इसी तरह जब हम कैरियर के लिए जॉब या बिजनेस में से कोई एक चुनते हैं तो हमें अपनी योग्यता, संसाधन, परिवारिक ज़िम्मेदारियां और अन्य बातों को समझना चाहिए क्योंकि गलत चयन से हमारा भविष्य प्रभावित हो सकता है

दोस्तों जॉब और बिजनेस के अपने - अपने फायदे और नुकसान होते है


बिजनेस करने के क्या फायदे है ?

आप सभी जानते होंगे कि जब कोई व्यक्ति अपना बिजनेस शुरू करता है तो वो अपना बॉस होता है वो सारे फैसले खुद ही लेता है और अपने काम करने का तरीका भी तय करता है

वहीं नौकरी करने पर व्यक्ति को किसी न किसी बॉस के निर्देशों के तहत काम करना पड़ता है वो अपने बॉस के कहने पर ही काम कर सकता है

इसलिए कहा जा सकता है कि बिजनेसमैन खुद अपना बॉस होता है जबकि नौकरी करने वाले को किसी न किसी के अंडर काम करना पड़ता है। 

जो व्यक्ति अपना खुद का बिजनेस करता है अगर उसके काम के दौरान कोई गलती हो जाए तो उसे कोई डांट नहीं मारेगा क्योंकि वो खुद ही अपना बॉस होता है

वहीं जो व्यक्ति कहीं नौकरी कर रहा होता है अगर उसके काम में कोई गलती हो जाए तो उसे उसका बॉस या मैनेजर जरूर डांटेगा

इसलिए कह सकते हैं कि बिजनेस में गलती होने पर कोई डांट नहीं देता मगर नौकरी में गलती से बचना चाहिए क्योंकि डांट का सामना करना पड़ सकता है

अपना बिजनेस करने वाले और जॉब करने वाले के बीच काम पर जाने के समय में अंतर होता है जो व्यक्ति अपना खुद का बिजनेस करता है वो अपने काम और जरूरतों के हिसाब से खुद ही तय कर सकता है कि कब ऑफिस जाना है।

वहीं जो व्यक्ति कहीं नौकरी करता है उसे तय समय पर ही अपने कार्यालय जाना होता है वह अपनी मर्जी से नहीं जा सकता।

इसलिए कह सकते हैं कि अपना काम करने वाले को अपनी मर्जी से काम पर जाने की छुट्टी होती है मगर नौकरीवाले को तय समय पर ही जाना होता है

जो व्यक्ति अपना खुद का बिजनेस करता है उसे कोई उसके काम से हटा नहीं सकता यानि उसे उसकी कंपनी से निकाला नहीं जा सकता।

वहीं जो व्यक्ति कहीं नौकरी करता है उसकी कंपनी या मालिक उसके काम में कमी आने पर उसे नौकरी से हटा सकता है।

इसलिए कह सकते हैं कि अपना काम करने वाला कभी भी नहीं हटाया जा सकता मगर नौकरीवाले को कंपनी नौकरी से हटा सकती है।


जॉब करने के क्या फायदे है ?

जो व्यक्ति अपना खुद का बिजनेस करता है उसे नियमित रूप से आय मिलने की कोई गारंटी नहीं होती कभी-कभी बिजनेस अच्छा चलता है तो आय अच्छी होती है कभी कम भी होती है

वहीं जो व्यक्ति कहीं जॉब करता है उसे हर महीने अपनी सैलरी यानि नियमित आय मिलने की पूरी गारंटी होती है

इसलिए साफ है कि नौकरीवाले को नियमित आय मिलती है मगर अपना काम करने वालों की आय में कभी-कभी उतार-चढ़ाव आ सकता है

दोस्तों बिजनेस में एक कहावत तो आपने सुनी ही होगी  जितना ज्यादा रिस्क, उतना ही ज्यादा फायदा होता है  यानि जिस बिजनेस में ज्यादा जोखिम लिया जाता है उससे ज्यादा प्रॉफिट होता है

बिजनेस में हमेशा कोई न कोई जोखिम रहता है  बाजार के उतार-चढ़ाव, ग्राहकों की कमी, महंगाई आदि। इसलिए बिजनेसमैन को जोखिम उठाना पड़ता है।

वहीं नौकरी में ऐसा कोई जोखिम नहीं होता है हमें सिर्फ अपनी ड्यूटी करनी होती है और नियमित रूप से सैलरी मिलती है

इसलिए साफ है कि बिजनेस में ज्यादा जोखिम होता है जबकि नौकरी में ऐसा नहीं है

जो लोग अपना बिजनेस करते हैं उनके पास कई कामों का मैनेजमेंट करना होता है चाहे वो माल का मैनेजमेंट हो कर्मचारियों का हो या फिर ग्राहकों से संबंधित काम इतने सारे कामों का संतुलन बनाए रखना आसान नहीं होता।

वहीं जॉब में हमें सिर्फ अपनी जिम्मेदारी का ही ध्यान रखना होता है अगर कोई गलती हुई तो सिर्फ हम जिम्मेदार होते हैं।

इसलिए साफ है कि बिजनेस में तनाव और दबाव ज्यादा होता है जबकि जॉब में ऐसा नहीं है।

बहुत कम ही ऐसे बिजनेस होते हैं जो बहुत कम पैसे लगाकर शुरू किए जा सकते हैं अधिकतर बिजनेस के लिए बड़ी मात्रा में पैसा लगता है।

वहीं अगर कोई शख्स काबिल है तो वो इंटरव्यू के जरिए मुफ्त में नौकरी पा सकता है इसके लिए कोई पैसा नहीं लगता।

इसलिए साफ है कि बिजनेस शुरू करने में ज्यादा पैसा लगता है जबकि जॉब मिलने में ऐसा नहीं होता है

 नौकरी करने के फायदे:

जॉब करने वाले व्यक्ति की नियमित आमदनी होती है हर महीने तय समय पर सैलरी मिलती है। 

काम की जिम्मेदारी कम होती है सारा काम बॉस देखता है, हमें तय जिम्मेदारियाँ निभानी होती है।

छुट्टियाँ और अन्य सुविधाएँ मिलती हैं  ईद, दिवाली आदि छुट्टियाँ, मेडिकल लीव आदि। 

पेंशन और ग्रेच्युटी का लाभ मिलता है रिटायरमेंट के बाद भी आमदनी।

कार्य अनुभव प्राप्त होता है  जो आगे चलकर काम ढूंढने में मददगार होता है।

इस तरह नौकरी करने से हमें फाइनेंसियल सुरक्षा और वर्क एक्सपेरिएंस जैसे फायदे मिलते हैं।


निष्कर्ष।

इस प्रकार दोस्तों जॉब और बिजनेस के अपने - अपने फायदे और नुकसान होते है इस आर्टिकल में मैंने आपको जॉब और बिजनेस में अंतर के बारे में जानकारी दी अगर आपको इससे सम्बंधित अन्य जानकारी चाहिए तो मुझे कमेंट करके जरूर बताए और अगर आपको यह जानकारी अच्छी लगी तो इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर जरूर करें। 

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