Marketing Manager कैसे बने जानिए सैलरी योग्यता काम और अप्लाई

अगर आप मार्केटिंग के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं और आप एक मार्केटिंग मैनेजर बनना चाहते हैं और जानना चाहते हैं कि इसके लिए क्या योग्यता, काम और सैलरी है?

तो आप सही जगह पर आए हैं इस ब्लॉग पोस्ट में हम आपको मार्केटिंग मैनेजर बनने के लिए आवश्यक सभी जानकारी प्रदान करेंगे।

मार्केटिंग मैनेजर की सैलरी कितनी होती है?
Marketing Manager Kaise Bane


मार्केटिंग मैनेजर कौन होता है?

एक मार्केटिंग मैनेजर किसी कंपनी या संगठन के प्रोडक्ट या सेवाओं को बढ़ावा देने और बेचने के लिए जिम्मेदार होता है वे मार्केटिंग प्लान का विकास और क्रियान्वयन (Implementation) करते हैं मार्केटिंग बजट का मैनेजमेंट करते हैं, और मार्केटिंग टीम की लीडरशिप करते हैं।


मार्केटिंग मैनेजर बनने के लिए क्या योग्यता है?

मार्केटिंग मैनेजर बनने के लिए आमतौर पर कम से कम ग्रेजुएट की डिग्री की आवश्यकता होती है मार्केटिंग, बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन, या किसी संबंधित क्षेत्र में डिग्री प्राप्त करना फायदेमंद होगा।

मार्केटिंग, बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन, एमबीए, या किसी अन्य संबंधित विषय में डिग्री आपको इस क्षेत्र में बेहतर अवसर प्रदान कर सकती है इसके अलावा, आपको मार्केटिंग और बिक्री का एक्सपीरियंस भी होना चाहिए।


मार्केटिंग मैनेजर का क्या काम होता है ?

  1. मार्केटिंग स्ट्रेटेजी बनाना और उसे इम्प्लीमेंट करना
  2. मार्केटिंग बजट का मैनेजमेंट करना
  3. मार्केटिंग campaigns का प्लान बनाना और उन्हें  इम्प्लीमेंट करना
  4. सेल्स टीम का लीडरशिप करना
  5. ग्राहकों के साथ संबंध बनाए रखना
  6. मार्केटिंग डेटा का एनालिसिस करना
  7. मार्केटिंग रिपोर्ट तैयार करना

यह भी पढ़े - Field Sales Executive क्या होता है और Sales Executive का काम


मार्केटिंग मैनेजर की सैलरी कितनी होती है ?

मार्केटिंग मैनेजर की सैलरी उसके अनुभव, योग्यता और कंपनी के आकार पर डिपेंड करती है भारत में मार्केटिंग मैनेजर की औसत सैलरी प्रति वर्ष ₹5 लाख से ₹10 लाख तक होती है अनुभवी मार्केटिंग मैनेजर इससे भी अधिक सैलरी प्राप्त कर सकते हैं।


मार्केटिंग मैनेजर की जॉब के लिए अप्लाई कैसे करें

आप जॉब पोर्टलों, कंपनियों की वेबसाइटों और सोशल मीडिया के माध्यम से मार्केटिंग मैनेजर की जॉब के लिए अप्लाई कर सकते हैं अपना रिज्यूमे और कवर लेटर तैयार करें और उसे नौकरी के आवेदन के साथ जमा करें।


मार्केटिंग मैनेजर बनने के लिए कुछ टिप्स

  • शिक्षा प्राप्त करें - मार्केटिंग, बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन, या किसी संबंधित क्षेत्र में डिग्री प्राप्त करें।
  • अनुभव प्राप्त करें - मार्केटिंग इंटर्नशिप या एंट्री-लेवल मार्केटिंग पोस्टो के माध्यम से अनुभव प्राप्त करें।
  • अपने कौशल विकसित करें - मार्केटिंग, कम्युनिकेशन, और लीडरशिप स्किल विकसित करें।
  • नेटवर्क बनाएं - मार्केटिंग पेशेवरों के साथ नेटवर्क बनाएं और उद्योग के बारे में जानें।
  • नौकरी के लिए अप्लाई करें - मार्केटिंग मैनेजर पोस्ट के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन अप्लाई करें।

निष्कर्ष

इस ब्लॉग आर्टिकल में मैंने आपको Marketing Manager कैसे बने इसके बारे में जानकारी दी है  मार्केटिंग मैनेजर बनना एक चुनौतीपूर्ण लेकिन rewarded करियर हो सकता है अगर आप मार्केटिंग के क्षेत्र में रुचि रखते हैं और आवश्यक योग्यता और कौशल रखते हैं, तो मार्केटिंग मैनेजर बनने का प्रयास कर सकते हैं।


FAQ - अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

1. मार्केटिंग कितने प्रकार की होती है ?

उत्तर - मार्केटिंग कई प्रकार की होती है, जिनमें से कुछ प्रमुख प्रकार निचे दिए गए हैं

1. उपभोक्ता मार्केटिंग (Consumer Marketing)

यह मार्केटिंग सीधे उपभोक्ताओं को टारगेट करती है इसका उद्देश्य प्रोडक्ट या सर्विस को बेचकर ग्राहकों को आकर्षित करना और बनाए रखना है।

2. बिजनेस-से-बिजनेस मार्केटिंग (Business-to-Business Marketing)

यह मार्केटिंग अन्य बिजनेस को टारगेट करती है इसका उद्देश्य अन्य बिजनेस को प्रोडक्ट या सर्विस को बेचकर उनके साथ संबंध बनाना और बनाए रखना है।

3. डिजिटल मार्केटिंग (Digital Marketing)

यह मार्केटिंग इंटरनेट और अन्य डिजिटल माध्यमों का उपयोग करती है इसका उद्देश्य ऑनलाइन ग्राहकों तक पहुंचना और उन्हें आकर्षित करना है।

4. सोशल मीडिया मार्केटिंग (Social Media Marketing)

यह मार्केटिंग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग करती है इसका उद्देश्य सोशल मीडिया पर ग्राहकों तक पहुंचना और उन्हें आकर्षित करना है।

5. सामग्री मार्केटिंग (Content Marketing)

यह मार्केटिंग valuable कंटेंट बनाकर और वितरित करके ग्राहकों को आकर्षित करती है इसका उद्देश्य ग्राहकों को शिक्षित करना, उनका मनोरंजन करना और उन्हें आकर्षित करना है।

6. खोज इंजन अनुकूलन (Search Engine Optimization)

यह मार्केटिंग वेबसाइटों को खोज इंजन परिणामों में उच्च रैंक करने में मदद करती है इसका उद्देश्य अधिक ग्राहकों को वेबसाइट पर आकर्षित करना है।

7. सार्वजनिक संबंध (Public Relations)

यह मार्केटिंग पॉजिटिव मीडिया कवरेज और ब्रांड जागरूकता प्राप्त करने में मदद करती है इसका उद्देश्य कंपनी की छवि और प्रतिष्ठा को बेहतर बनाना है।

8. ईमेल मार्केटिंग (Email Marketing)

यह मार्केटिंग ईमेल के माध्यम से ग्राहकों तक पहुंचती है इसका उद्देश्य ग्राहकों को प्रोडक्ट्स या सर्विस के बारे में जानकारी प्रदान करना और उन्हें प्रचार और छूट प्रदान करना है।

9. डायरेक्ट मार्केटिंग (Direct Marketing)

यह मार्केटिंग सीधे ग्राहकों को लक्षित करती है इसका उद्देश्य ग्राहकों को प्रोडक्ट्स या सर्विस को बेचने के लिए टेलीफोन, मेल, या अन्य प्रत्यक्ष माध्यमों का उपयोग करना है।

10. नेटवर्क मार्केटिंग (Network Marketing)

यह मार्केटिंग डिस्ट्रीब्यूटर्स के एक नेटवर्क का उपयोग करके  प्रोडक्ट्स या सर्विस को बेचती है इसका उद्देश्य अधिक ग्राहकों तक पहुंचने और उन्हें  प्रोडक्ट्स और सर्विस को बेचने के लिए डिस्ट्रीब्यूटर्स को प्रोत्साहित करना है।

2. सेल्स मार्केटिंग क्या है ?

उत्तर - सेल्स मार्केटिंग का मतलब है अपने प्रोडक्ट या सर्विस को बेचने के लिए लोगों को आकर्षित करना और उनकी ज़रूरतों को पूरा करना

सेल्स मार्केटिंग में दो विभाग होते हैं - सेल्स और मार्केटिंग

सेल्स विभाग का काम है ग्राहकों से संपर्क करना उन्हें प्रोडक्ट या सर्विस के बारे में बताना, उनके सवालों का जवाब देना और उन्हें खरीदने के लिए प्रेरित करना

मार्केटिंग विभाग का काम है प्रोडक्ट या सेवा की लोकप्रियता बढ़ाना, लक्षित दर्शकों को पहचानना, उनकी ज़रूरतों को समझना और उन्हें विज्ञापन, प्रचार, कंटेंट आदि के माध्यम से आकर्षित करना।

3. मार्केटिंग मैनेजर बनने के लिए कौनसा कोर्स करे?

बीबीए (बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन)

यह एक तीन साल का ग्रेजुएट कोर्स है जो आपको बिजनेस, मैनेजमेंट और मार्केटिंग के बेसिक कॉन्सेप्ट्स को समझने में मदद करता है आप इस कोर्स के दौरान मार्केटिंग के विशेषज्ञता के साथ अपना विशेषण  (adjective) चुन सकते हैं।

बीएमएस (बैचलर ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज)

यह भी एक तीन साल का ग्रेजुएट कोर्स है जो आपको बिजनेस, मैनेजमेंट और मार्केटिंग के प्रैक्टिकल और एनालिटिकल पक्षों को सीखने में मदद करता है आप इस कोर्स के दौरान मार्केटिंग के विशेषज्ञता के साथ अपना (adjective) चुन सकते हैं।

एमबीए (मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन)

यह एक दो साल का पोस्टग्रेजुएट कोर्स है जो आपको बिजनेस, मैनेजमेंट और मार्केटिंग के एडवांस और एक्सपर्ट लेवल के ज्ञान और कौशल प्रदान करता है आप इस कोर्स के दौरान मार्केटिंग के विशेषज्ञता के साथ अपना ऐजिक्‌टिव़ चुन सकते हैं।

डिजिटल मार्केटिंग कोर्स

यह एक ऑनलाइन या ऑफलाइन कोर्स है, जो आपको डिजिटल मार्केटिंग के अलग - अलग तरीकों और उपकरणों का उपयोग करना सिखाता है आप इस कोर्स के दौरान वेबसाइट, सोशल मीडिया, ईमेल, एसईओ, एसईएम, कंटेंट, वीडियो, एफिलिएट आदि के माध्यम से अपने बिजनेस को बढ़ावा देना सीख सकते हैं।

ये थे मार्केटिंग मैनेजर बनने के लिए कुछ प्रमुख कोर्स इनके अलावा भी आप अन्य कोर्स जैसे बीएससी (बैचलर ऑफ साइंस) इन मार्केटिंग, बीए (बैचलर ऑफ आर्ट्स) इन मार्केटिंग, एमएससी (मास्टर ऑफ साइंस) इन मार्केटिंग, एमए (मास्टर ऑफ आर्ट्स) इन मार्केटिंग, पीजीडीएम (पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन मैनेजमेंट) इन मार्केटिंग, पीजीडीएमए (पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन मार्केटिंग एडमिनिस्ट्रेशन) आदि कर सकते हैं।

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.